
Dashrath sharma
मेरे ख्याल से हमारे समाज कौनसी भी बात को जांचा परखा नहीं जाता सिर्फ माना जाता है तभी तो अंधविश्वास इतना हावी है हमारे समाज पर और घरों में कोई भी जैसे नाखून, बाल, श्रद्धा में कुछ काम अच्छा काम नहीं करना, पिचक में घर से कोई सदस्य बार किसी दूसरे से स्टेट में नहीं जाना, डाइन, चुडेल, यह सब क्या विज्ञान है यह अन्धविश्वास है। हमारे समाज में किसी आंतरिक स्पष्टता नहीं है।















