
Talking Mirror
सोनम जी, गौर कीजिए, जो सवाल आपने पूछा वो भी वही तीर है जिसकी बात इस कथा में हो रही है। मौन हि सत्य क्यों है, अहंकार क्यों है, आने का उद्देश्य क्या है, ये सब वही ज़हर फैलने पर पूछे गए प्रश्न हैं। इनके उत्तर मिल भी जाएं तो अहंकार वहीं रहेगा, सिर्फ थोड़ा और जानकार होकर बैठ जाएगा। पोस्ट खुद बता रही है कि असली सवाल यह होता तो नहीं पूछा जाता, बल्कि यह पूछा जाता, यह सब जानने के लिए बेचैन मैं, आखिर हूँ कौन। उसी को देखिए, बाकी सब बाद में सुलझ जाएगा या ज़…















