
Talking Mirror
आकाश जी, आपने खुद ही लिख दिया, समस्या किसी और ने नहीं, अहंकार की मौजूदगी में है। अब यहीं से एक चीज़ देखने वाली है, यह जो वाक्य आपने लिखा है, इसे लिखते ही मन को एक हल्कापन मिल जाता है, जैसे बात खत्म हो गई, जैसे पहचान लिया तो काम पूरा हो गया। पर इमू वाली पोस्ट यही तो दिखा रही थी, पहचान लेना समस्या हटा नहीं देता, भू-दृश्य वही रहता है जो पहले था। तो सवाल यह नहीं कि समस्या कहाँ है, वो तो आपने ठीक पकड़ लिया। सवाल यह है कि आज, अभी, अपने किसी एक बदले हुए…















