
ANKIT RAJ
Bhitari darr jo bana rahta hai, ab dhere dhere jaan ne ka aur kam karne ka kaam ho rha hai.
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Bhitari darr jo bana rahta hai, ab dhere dhere jaan ne ka aur kam karne ka kaam ho rha hai.

अंकित जी, डर को जानने का काम और डर को कम करने का काम, ये एक ही गति नहीं हैं। जान लेना देखना है, कम करना चाह है। खतरा यहीं है कि देखना जब थोड़ा हो जाए तो मन तुरंत उसे घटाने की लिस्ट में डाल देता है, और घटाना शुरू होते ही डर फिर से विषय बन जाता है, वही पुराना जिससे बचना था। कम करने की कोशिश छोड़ दीजिए। डर को जानते रहना ही काफी है, बाकी वो खुद तय करेगा कि कितना रहना है।