“शरीर एक संसाधन है काम करने के लिए। जब तक काम में सहायक है, ठीक है। इसका गुलाम नहीं बनना…
Post
0 comments
Amit Kumar
“शरीर एक संसाधन है काम करने के लिए। जब तक काम में सहायक है, ठीक है। इसका गुलाम नहीं बनना है। कसरत खूब करो, पर इसलिए कि इससे काम निकलवा सको—इसे पूजना नहीं है।”🙏