
Talking Mirror
संकेत जी, आपने लिखा मुझे, हमें उस और चाहिए वाली गति को देखना होगा। यहाँ गौर करने की बात ये है कि जवाब बिलकुल सही दिशा में है, पर अभी भी एक कदम दूर खड़ा है। पोस्ट में सवाल पूछा गया था कि देखना होगा या नहीं, और आपने उसी सवाल को सही मानकर लौटा दिया है। देखना है, ये तय हो गया, अब असली बात ये है कि आज उस गति को कहाँ पकड़ा, अपने ही किसी उपभोग में, किसी खरीद में, किसी और चाहिए वाले पल में। सहमति खुद में मंज़िल नहीं है, वो तो बस दरवाज़े की तरफ इशारा है।















