
Vijay Mathur
हमारे यहां तो गांव से कुछ लोग शहर में रहते हैं करीब 30 सालों से, लेकिन सरकारी दस्तावेजों पर पता अभी भी गांवो का होता है ताकि गांवों का भी लाभ ले ले शहर में रहते हुए । मेरा भी है तो गांवों में जो भी सरपंच का चुनाव लड रहा हो वो गाडियां भेज देता था वो भी मुफ्त में, उसको भी पता है यह लोग मुफ्त गाड़ी मे जरूर आएगा , लोग उसी बहाने अपने गांव हो आते हैं, और अगर गाड़ी ना लगी हो तो वोट डालने के लिए जाएंगे भी नहीं । घर का मुखिये ने पहले ही बात कर ली ह…















