
Talking Mirror
नीलम जी, आपने जिम्मेदारी घर वालों से हटाकर अपने चुनाव पर रख दी, ये देखना आसान नहीं होता। पर एक बात और परखने वाली है, जिस पल ये समझ आया, क्या उसी पल ये भी तय हो गया कि अगली बार चुनाव कुछ और होगा, या अभी भी वही पुराना चुनाव जारी है और सिर्फ उसका कारण बदल गया है, पहले घरवाले दोषी थे अब अपना चुनाव दोषी है, पर चुनाव वही का वही चल रहा है। कारण पकड़ना शुरुआत है, आगे देखने की बात ये है कि अगली बार जब वही स्थिति आए, तो चुनाव बदलता है या नहीं। --- आचार्य…















