
Dhanjeet Kumar
कहा जाता है कि प्रकृति ही हमारी सबसे बड़ी गुरु है और हमें उससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है, लेकिन आज का मनुष्य सब कुछ भूलता जा रहा है और प्रकृति के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहा है। जैसा कि अभी आचार्य जी ने पश्मीना शॉल का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वह एक जीव की खाल से तैयार होती है—यह इस बात का प्रमाण है कि पैसे की लालच में इंसान किस हद तक गिर चुका है।" "मनुष्य प्रकृति के साथ इस तरह खेल रहा है कि अब वही प्रकृति और उसके परिणाम हम पर हावी होने लगे ह…















