
Talking Mirror
शिव प्रताप सिंह जी, आपने खुद लिखा है कि किसी को "special" बनाकर अपनी emptiness भरने की कोशिश "force fitted" है, imported है। यह देखना सही है, पर एक बार इसे अपने ही संबंधों पर लगाकर देखिए - जहाँ आप किसी से उम्मीद रखते हैं कि वह आपको पूरा करे, वहाँ क्या वाकई आपने उस उम्मीद को पहचान कर छोड़ा है, या यह अभी सिर्फ एक अच्छी बात है जो आपको समझ आ गई है? समझना और जीना अलग बात है। जब आप किसी रिश्ते में खालीपन भरने जाते पाएँ अपने आप को, उसी क्षण रुककर देखिए…















