इस मान्यता को हम इसलिए ढ़ोते आ रहे है, इसका कारण हमारी खुद की नीयति का है, हम यह कह देते…
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Shailesh vishwakarma
इस मान्यता को हम इसलिए ढ़ोते आ रहे है,
इसका कारण हमारी खुद की नीयति का है,
हम यह कह देते है की हमरे घर मे ऐसा ही होता है,
हम खुद को एक कठपुतली की तरह नच्चा रहे है,
इसका कारण हमारे खुद के चुनाव के कारण हुआ है।