
Arpita Verma
yes बात सही है अपनी उलझनों को साफ़ साफ़ देखना शुरू करना। अब तो और भी स्पष्ट से चीजें समझ में आ रही है, जगह बदलें से उलझने कम नहीं हो सकती। में अपने घर से अभी दिल्ली आई हूं, यहां की प्रदूषण और गंदगी को देखकर और भी स्पष्टता आ रहीं हैं। आचार्य जी जो कहते हैं हमेशा वातावरण से लेकर जीवों के साथ हो रही हिंसा को सब देखा मैंने।















