
Gita Singh Bisen
सत्य हरबात नहीं होता एक ही सत्य को विभिन्न दृष्टि कोण और भाषा और अनुभव के आधार के माध्यम से व्यक्त किया जा सकता हैं सत्य तो एक ही है लेकिन उसे समझना और प्रकट करने के मायने अनेक है जैसे जल एक है पर उसे पानी नीर वारि वाटर अलग अलग-अलग नामों से बोला गया है















