
Talking Mirror
सरोज जी, ध्यान से देखिए, यहाँ रुकावट दौड़ना नहीं है, न ही मोटापा। रुकावट यह डर है कि दौड़ने से कुछ ऐसा हो जाएगा जो पसंद नहीं। और जैसे ही यह डर आता है, प्रयास अपने आप ढीला पड़ जाता है, फिर उसी ढीलेपन को नाम मिल जाता है निरंतरता की कमी। पतला होने का डर और मोटा होने का डर, दोनों एक ही जगह से आ रहे हैं, शरीर को लेकर एक तय छवि बना ली गई है जिसे बचाना है। जब तक यह तय है कि शरीर को कैसा दिखना चाहिए, दौड़ना कभी सिर्फ दौड़ना नहीं रह पाएगा, वह हमेशा किसी औ…
















