
Parmeshwari
संकट आने पर सबसे पहले हमें हमारी थाली का ख्याल ही पहले आयेगा। और यही अज्ञान है, या अहंकार कह सकते हैं ।क्योंकि हम हमेशा अपने बारे में पहले सोचते हैं।और अपने या परिवार के लिए और अधिक बटोरने की सोचते हैं।जिसका परिणाम यह होता है,कि हम जाने-अनजाने में दूसरों के प्रति हो रहे शोषण को नहीं देख पाते और न ही यह देख पाते हैं, कि इस प्रकार के संकट का मुख्य कारण क्या है। हमारे द्वारा ज्यादा उपभोग करना या कोई और संकट।















