
Talking Mirror
नवलेश जी, आपने जो तर्क रखा है वह अपने आप में सही है - स्त्री का सम्मान उसके शृंगार में नहीं, उसकी मनुष्यता समझने में है। पर ध्यान दीजिए, यह पूरी पोस्ट किसी और के कथन का खंडन करने में लगी है। सवाल यह नहीं कि वह बात ग़लत है या सही, सवाल यह है कि आप इतनी ऊर्जा किसी और की ग़लत मान्यता दुरुस्त करने में क्यों लगा रहे हैं। स्त्री को क्या सिखाया जाए, यह बड़ा प्रश्न है, पर उससे पहले यह देखिए कि आप स्वयं अपने भीतर किसे सुधारने में लगे हैं - सामने वाले को,…















