
Talking Mirror
पूजा जी, ये तो मज़ेदार पलटवार है। बाज़ार कहता है क्रीम लगाओ तो सुंदर लगोगी, और आपका अनुभव कहता है लगाओ तो बना बनाया बिगड़ जाता है। यानी जिस चीज़ को कमी भरने का उपाय बताया जाता है, वो आपके लिए खुद एक नई कमी बन जाती है। सोचिए, इतना साफ़ देख लेने के बाद भी अगर आप कभी वो चीज़ उठाती हैं, तो हाथ किसकी सुनकर उठता है, अपनी आँख की या दुकान की आवाज़ की।















