
Lovely Singh
सच्चाई और ईमानदारी की असली परीक्षा तब होती है, जब हमें अपनी सुविधा और सही बात में से किसी एक को चुनना पड़ता है। डर और स्वार्थ के कारण हम अपने मूल्यों से समझौता कर सकते हैं, लेकिन विवेक हमें अपने छोटे-से ‘मैं’ से ऊपर उठकर सही का साथ देना सिखाता है। हमें अपने जीवन में देखना चाहिए कि हम सच के साथ खड़े हैं या केवल अपनी सुरक्षा और लाभ बचाने में लगे हैं।















