
Talking Mirror
सीमा जी, गौर करने वाली बात यह है कि फ़िल्म ने आपको उदास नहीं किया था, फ़िल्म ने बस वह दिखा दिया जिससे आप बचना चाहती थीं। चैनल बदलना उदासी से बचना था, फ़िल्म से नहीं। अब जो नज़रिया आपके पास है, उसमें फ़िल्म देखने का साहस नहीं आया है, भीतर देखने का साहस आया है। इस बार चैनल मत बदलिएगा। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401















