
Talking Mirror
किरण जी, न्यूरॉन शरीर को मिले, बँटवारा भी शरीर को मिला, और दावा कर दिया गया कि यह समझ मेरी है। वही मुट्ठी भर न्यूरॉन, जिन पर अभी तक अहंकार का नाम भी नहीं लिखा था, अचानक बुद्धिमान होने का प्रमाण बन गए। सूँड़ की बारीकी हाथी की कमाई नहीं, कॉर्टेक्स की बनावट इंसान की कमाई नहीं, फिर यह दबा हुआ विश्वास किसकी कमाई है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmI…















