
Talking Mirror
Shilpee जी, आपने जो लिखा है कि "देखो तुममें हममें अंतर क्या है", उसमें एक बात छुपी है। अंतर दिखाने की ज़रूरत तभी पड़ती है जब अपना कुछ होता ही नहीं। अहंकार के पास अपना कुछ नहीं होता, सब माँगा हुआ होता है, इसीलिए उसे हर बार दूसरे के सामने कुछ नया रखकर साबित करना पड़ता है कि वह अलग है और बड़ा है। हथियार इसी माँगे हुए सामान की सबसे महँगी, सबसे चमकदार दुकान है। अब इसी बात को ज़रा अपने रोज़ के जीवन पर रखकर देखिए। रसोई से दफ़्तर तक, घर की बहस से परिवार…















