
SHIVAM KUMAR SINGH
मै अपने ही कमेंट पर टिप्पणी करते हुए कह रहा हू बात कुछ भी करे कोई भी बहाना बनाए पर गलती हमारी ही है। हम बहुत ही स्वार्थी लोग है, खुद की गलती मानने से बचते है, हमे लगता है कि यही अहंकार है जो जानता है कि गलती हो रही है और उससे कामना की पूर्ति हो रही है तो वो अपनी गलती को मानना नहीं चाहता, और ये भी चाहता है कि कामना की पूर्ति होता रहे। बीस तरह के बहाने बनाते है कि मैं सही उद्देश्य से फोन लेता हू पर ये हो जाता है वो हो जाता है। वास्तव में अंदर ही अ…















