
Sapna Tiwari
अवलोकन: अपने नीजी जीवन में अवलोकन किया तो पाया कि बचपन में किसी खीलोने को पा लुंगी तो खुशी होगी, फिर थोड़ी बड़ी हुई तो खीलोने की जगह नये कपड़े, फिर आगे कालेज में अपने आप को और परफेक्ट बनाने कि होड़, दुसरे के पास वो है मेरे पास भी आ जाये तो खुशी होगी,या अच्छा लगता था कि कोई तारीफ कर दें तो खुशी होगी ये कहानी चलती रही कि वर्तमान कि बैचेनी भविष्य कि कोई कहानी गढ़ ले। आचार्य जी के सत्रो से जुड़ने के बाद इस बैचेनी और अधुरेपन की सही पकड़ मिली।🙏















