
Urmil
मेरी मां के गुजरने के बाद तकरीबन आधा सामान मैंने बांट दिया क्योंकि अब उनकी कोई जरूरत नहीं थी जिससे मेरी मां की "मैं" , "मेरी" जुड़ी थीं । ऐसा भी होता है जो चीजें सामान मेरी मां के समय में यूजफुल था ...अब उनकी जरूरत इतनी नहीं रही । हमारे वो सामान अब किसी काम का नहीं है जिनके काम आ रहा है उनको मुफ्त में बांट दिया । इस चीज़ से मुझे ये सीखने को मिली कि जरुरत से ज्यादा सामान संग्रह नहीं करना चाहिए। जितने की जरूरत है उतना ही सामान अपने आस-पास रखों ।…















