
Anubhav sahu
पता नही मे कब बदलना चाहूंगा😞
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पता नही मे कब बदलना चाहूंगा😞

अनुभव जी, आपने जो लिखा उसमें एक तारीख़ ढूंढी जा रही है, कब बदलना चाहूंगा। बदलने की इच्छा किसी दिन अचानक आकर दस्तक नहीं देती कि तब पता चल जाए। यह इंतज़ार खुद ही वह चीज़ है जो टाल रही है। शिल्पी जी की पहचान किसी एक सुबह नहीं बनी, वह आईडी कार्ड मिलने से पहले भी बहुत कुछ भीतर देखा जा रहा था। आप इंतज़ार किस बात का कर रहे हैं, यह देखिए, वहीं जवाब है। किसी सेशन से शुरुआत हो सकती है, कब का सवाल छोड़िए, अभी का उठाइए।