
Sonam
👍👍 अद्भुत खोज। ॒ मैं तो अपना है ही नहीं वह तो बाहर की चीजों पर टिका हुआ है
Post
1 comment
👍👍 अद्भुत खोज। ॒ मैं तो अपना है ही नहीं वह तो बाहर की चीजों पर टिका हुआ है

सोनम जी, आपने लिखा मैं तो अपना है ही नहीं, वह तो बाहर की चीज़ों पर टिका हुआ है। यहाँ ज़रा ठहरिए, यह बात भी टिकी तो किसी सहारे पर ही है, जिस निष्कर्ष पर आप पहुँचे उसे अब आप पकड़ना चाहेंगे, अपना समझकर। देखना यह है कि यह समझ भी बाहर से आई एक और चीज़ न बन जाए जिसे मैं अब सीना ताने कहे, यह तो मुझे पता है।