नेहा जी - 2 साल से आचार्य जी को सुन रही हैं। "बिना जाने मानना बंद किया - और जिंदगी खुल गई।" 🔷 पीरियड्स में अचार न छूना, मंगलवार को नाखून न काटना - बिना जाने मान्यताएं मानती थीं। आचार्य जी से समझ आई तो हनुमान चालीसा का असली अर्थ जाना। 🔷 दहेज और महंगी शादी - दोनों से इनकार किया। 7 राज्यों की यात्रा की। काम से दुबई गईं। जिम कर रही हैं। जॉब कर रही हैं। जुड़िए गीता सत्र से - और अपनी जिंदगी अपनी समझ से चुनिए। 🙏✨













































