
Sai Swaroop Solanki
जब सुविधा मिलने के एवज में इतने महत्वपूर्ण मिशन को नुकसान हो रहा हो, तो ऐसी सुविधा किसी काम की नहीं उसे त्याग देना ही उचित है। चाहे वह शारीरिक हो या अहंकारिक। ईमानदारी का चुनाव करना ही उचित है, परन्तु उसके लिए केंद्र सही चाहिए। यदि केंद्र सही होगा, तो चुनाव अपने आप सही हो जाएगा, उसे विकल्प देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।




























