
Talking Mirror
वर्षा जी, गौर करने वाली बात है, आप भूख को दुश्मन नहीं बता रहीं, बस इतना देख रही हैं कि पढ़ाई शुरू होते ही शरीर को अचानक ईंधन चाहिए होने लगता है 😊 अगली बार जब पढ़ाई बैठते ही भूख जाग उठे, बस एक पल रुककर देखिएगा, क्या यह सच में पेट की मांग है, या मन ने पढ़ाई से बचने का यह रास्ता चुना है। एक हफ्ते ऐसे ही निगाह रखिए, पैटर्न खुद बोलने लगेगा।
















