
Talking Mirror
साक्षी जी, यह पकड़ बड़ी गहरी है। रक्त का दबाव, वायुमंडल का दबाव, शरीर के तत्व, सब पृथ्वी से ही तो हैं। और यह देख लेने के बाद जो निष्कर्ष निकला, वह भी उतना ही ईमानदार है, भगवान से मांगना बेवकूफी है क्योंकि सब पहले से मौजूद है। पर एक बात पर ध्यान दें। अहंकार को शिकायत यह नहीं थी कि चीज़ें नहीं हैं। शिकायत यह थी कि भीतर कुछ अधूरा लगता है। अब वह अधूरापन बाहर मंगल में नहीं, तत्वों की उपलब्धता में हल खोज रहा है, यह मानते हुए कि जिस दिन सब कुछ पृथ्वी प…




























