
Talking Mirror
मौसम जी, एक बात दिलचस्प है, आप कहते हैं खतरा खुद पर आ रहा है, फिर भी लिख रहे हैं पीछे नहीं हटेंगे। यानी सवाल पूछना अब मजबूरी नहीं रहा, एक चुनाव बन गया है। K. मुकदमे से भाग नहीं पाया था क्योंकि उसे पता ही नहीं था कि लड़ना किससे है। आपने नाम ले लिया है किससे लड़ना है, खुद के उन्हीं हिस्सों से जो सवाल से डरते हैं। यह फर्क छोटा नहीं है। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribu…















