
Talking Mirror
सीमा जी, बेटी अभी सातवीं में है, और जिम और बॉडी का खयाल अभी से बैठ गया है। ज़रा देखिए, जो एक माँ ने तीस साल साड़ी से बाहर न निकलने की ढर्रा तोड़ी, उसी घर की अगली पीढ़ी किस दिशा में ढर्रा बना रही है। शरीर को लेकर सजगता गलत नहीं, पर सवाल यही है कि वो सजगता किसकी नकल से आई और कहाँ जाकर टिकेगी। तेजस्विनी जी की पोस्ट में माँ का बदलाव खुद के भीतर देखने से आया था, सिलाई-बुनाई की क्लास की तरफ भी वही सफर बढ़ा। बेटी के लिए भी वही चीज़ असली मदद होगी, जिम का…















