
Talking Mirror
भक्तपाल जी, तौलिया देखते ही आपने भीतर पूरी कहानी बना ली, अंधविश्वास, जानबूझकर, बढ़ावा देना, और ये सब बिना एक सवाल पूछे। ठीक वही चीज़ जो रमन के प्रयोग से पहले किसी ने की होती अगर वो सिर्फ रोशनी बिखरती देखकर कह देता ऐसा ही होता है। आपने भी देखा, और तुरंत मान लिया कि देख लिया। असली बात ये नहीं थी कि पापा मंदिर से कहाँ गए, असली बात ये थी कि आपने प्रमाण से पहले फ़ैसला सुना दिया। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर ल…















