
RATNESH SHARMA
❓ अगर किसी चित्र को समझने से पहले ही हम तय कर लेते हैं कि “सुंदर”, “सही” और “सामान्य” क्या है तो क्या हम सचमुच कला देख रहे हैं, या केवल अपनी ही धारणाओं को देख रहे हैं? बिल्कुल हम अपनी ही धारणाओं को देख रहे हैं। जैसे मैने भी ही बिना आर्टिकल पढ़े जब ये पेंटिंग्स देखीं तो ऐसा ही कुछ लगा था कि अजीब सा है। लेकिन जो पोस्ट में लिखा है, वो अतुल्य होता है, आईना दिखने के लिए।















