
NEHA DESHMUKH
हम किसी चीज को इसलिए नहीं छोड़ पाते क्योंकि हमारे अंहकार को चोट लगती है। कभी कभी हमें ये आभास हो जाता है कि जिस चीज को हम पकड़े हुए है वो हमे आहत कर रही है, फिर भी हम अपने अहंकार को संतुष्ट करने के लिए उसे अपने से दूर नहीं करना चाहते।
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