
नहीं ,मुझे अपनी बात और अपना विवेक दबाने के लिए, कहा जाएगा तो,मैं उनके नज़र में अच्छी बनने के लिए ऐसा नहीं करूंगी, अच्छा तो तब हैं जब आप सही चेतना और विवेक से अपना निर्णय खुद लेते हैं, किसी की नजर में अच्छा बनने के लिए, अपनी बात नहीं दबा सकते, अच्छा बनना हैं तो, खुद की नजरों में बने खुद के लिए जो सही हैं वो करे, ना की लोगों की नज़र में अच्छा बने। मेरी नजर में तो अच्छा वो हैं जो, सही चेतना और आत्मज्ञान वा सही समझ,से अपनी बात रखते हैं ना,कि लोगों…
















