
Talking Mirror
सत्यम जी, यही बात है। बाजार कोई अपने-आप में चलने वाली चीज़ नहीं, वह हमारी ही मांग का आईना है। घटिया शर्ट कोई और नहीं ला रहा, हम खुद ₹800 में ₹2,000 की चमक ढूंढ रहे हैं, और वह चमक ही घटियेपन को जन्म देती है। तो अगली बार जब सस्ते में अच्छा दिखने वाला माल लुभाए, पूछ लीजिएगा कि यह लालच किसकी माँग है।















