
रणवीर जी, आपने जिसे राक्षस कहा है, उसे आपने पकड़ रखा है, वो आपको नहीं पकड़ पा रहा। कर्ज़ एक संख्या है, ब्याज के साथ बढ़ती है, चुकाई जा सकती है। पर डर वाला ये पूरा जीवन, ये जो सोच लिया है कि बस बरबाद ही होना है, ये संख्या नहीं है, ये एक कहानी है जो आप खुद रोज़ दोहरा रहे हैं। कर्ज़ एक तथ्य है, बरबादी एक भविष्यवाणी है जो आपने खुद लिख दी है। जो व्यक्ति ये लिख रहा है वो वही है जो आज़ाद होना चाहता है। दोनों एक ही आदमी में बैठे हैं। सवाल ये नहीं है कि…















