मुझे शुरू से व्यर्थ के खर्चे पसंद नहीं थे, तब आर्थिक हिसाब किताब होता था । असली हिसाब…
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Reeta Gautam
मुझे शुरू से व्यर्थ के खर्चे पसंद नहीं थे, तब आर्थिक हिसाब किताब होता था ।
असली हिसाब किताब तो आचार्य जी से जुड़कर जाना ।
ये बोध वाली है अब देखती हूं कि पर्यावरण को कितना नुकसान हो रहा है ।