
Sanket Sudhakar Mahajan
अगर “अच्छा इंसान” बनना भी एक पहचान है और “बुरा इंसान” बनना भी, तो क्या हम सच में स्वतंत्र हैं जब हम दोनों में से किसी एक को पकड़कर अपने आपको परिभाषित करते हैं? 👉🏽 अपनी पहचान के लिये किसी भी बात को पकडना हमे स्वतंत्र नही बना देता, मैने अपने जीवन मे यह बहुत बार अनुभव किया हैं | समाज के अनुसार नही चलना, अपने मर्जी से चलना यह एक आत्मप्रवंचना से बढकर कुछ नही होता |















