
Dinesh
Q 1. पूरे 100 प्रतिशत भूमिका है " मैं" की चुनाव में। असल में चुनाव कहना ही गलत है इसको। बेहोशी में करते हैं और जात देख कर करते हैं बहुमत। Q 2. उम्मीदवार तो नाम का चुना है पहले। वास्तविकता तो यही है कि:- अपनी बेहोशी में चुना उम्मीदवार एक बेहोश उस बेहोश के कंधे पर रख कर चलाते हैं बंदूक सब खुद का अवलोकन न करके देखते हैं दूसरों के लक्षण फिर सब बेहोश इकठ्ठा करते हैं प्रकृति का भक्षण अब असली सवाल आता कौन है बेहोश ज्यादा चुनने वाला या चुने ज…















