-दहेज के खिलाफ बदलाव केवल कानून बनाने से नहीं कतई संभव नहीं है। -विवाह और संबंधों को…
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Mukesh
-दहेज के खिलाफ बदलाव केवल कानून बनाने से नहीं कतई संभव नहीं है।
-विवाह और संबंधों को देखने की पूरी नज़र ही बदलनी होगी।
-जिसकी शुरुआत गीता प्रतिभागियों को मिल रही शिक्षा से आरंभ होती है यह मेरा निजी अनुभव है।