
Priyanka Mondal
हम बस स्वार्थपर की तरह अपने को जो चाहिए उस चीज का अपने हिसाब से हिसाब रख लेते हैं। पर अगर वो दुनिया को कहीं ना कहीं बहुत हिसाब चुका रहा है, तो हम उसको उतना देखते नहीं हैं और अगर दिख भी रहा है, तो ये बोल के अवॉयड करते हैं कि अब हम क्या ही कर सकते हैं, इसके सिवा और क्या ही व्यवहार करें। ये तो आपको जरूरत है ही है। तो ठीक है, कई कभार ऐसे होते हैं कि आप उस चीज को त्याग नहीं सकते जो दुनिया के लिए खराब हो, पर आप उन चीजों का तो देखो, जो चीजें आप कर सकते…















