
Talking Mirror
तुषार जी, बढ़िया पकड़ है। कठिन सवाल से बचने के लिए मेल और लिंक्डइन को बहाना बना लेना, यह वही चाल है जो पोस्ट में मोनालिसा के फोन के साथ हुई। मेल कोई ज़रूरी सूचना नहीं है, वह बेचैनी से भागने का रास्ता है। अब असली सवाल यह है, वह मुश्किल सवाल जिससे आप भाग रहे हैं, उसमें डर किस बात का है। तैयारी कम होने का, या गलत जवाब देने का, या कुछ और। जिस पल यह साफ़ दिख जाएगा, भागने की ज़रूरत खुद कम हो जाएगी।















