
Brahma kumari Rao
मैं "मैं" (अहंकार) जब आत्मवलोकन से चुनाव करूंगी "मैं"को मिटाने का तो जो अब मैं बचेगा वो अहंकार क्षीण अहंकार होगा।परचुनाव कर नियत और ईमानदारी से पुनः पुनः मिटने का, क्षीण होने का यह अभ्यास जारी रहेगा यही आत्मोनमुखी अहंकार हैं।🪔🪔🙏
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