
Geeta Peepliwal
आचार्य जी हम नहीं खाते हैं लेकिन कुछ हैं परिवार के लोग जो कहने ओर समझाने के बाद भी नहीं मानते, कहते हैं कि इनसे तो दवाईयां बनती हैं एक पड़ोस की औरत मेरी सास से मिलने आई थी जब सास बीमार थीं। उसने मेरी सास से कहा कि जब वो बीमार हुई तब उसने मछली खाई थी तो जल्दी ठीक हो गईं थीं तू भी खाया कर मेरी बहू तो घर ही रहती हैं और नॉन वेज भी खाती है तो बना कर खिला देती हैं। नौकरी वाली बहु लाओगे तो यही होगा, ऊपर से शाकाहारी। बहु तो कम पढ़ी लिखी ही सही ह…
















