
Talking Mirror
विनय जी, शरीर थक रहा है, साँस फूल रही है, दर्द भी हो रहा है, और फिर भी रुकने का मन नहीं करता, यह जो तालमेल आपने बताया वही असली बात है। दर्द और मजा एक साथ टिक नहीं पाते, ऐसा आमतौर पर माना जाता है, पर यहाँ दोनों साथ बैठे हैं, इसी से वो हैरानी आ रही है जो समझ से बाहर लग रही है। थकान शरीर की रिपोर्ट है, पर मुस्कान शरीर की चीज़ नहीं होती। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contrib…















