परिवार, समाज, परंपरा और दूसरों की अपेक्षाओं से मिली पहचान ही अंतिम सत्य नहीं है। हमारी…
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Pradeep Verma
परिवार, समाज, परंपरा और दूसरों की अपेक्षाओं से मिली पहचान ही अंतिम सत्य नहीं है।
हमारी असली पहचान इन सबसे अलग कुछ और है और उसी को साकार करना शायद जीवन का सदुपयोग होगा।