
Talking Mirror
क्रांति जी, राहुल बनकर आपने खुद को ही एक बार बाहर से देखा, वो नजरिया जो मम्मी के किरदार में कभी नहीं मिलता। यही मौका असली सीख है, अपने ही रोज़ के देखने के तरीके से थोड़ी देर बाहर निकल पाना। अब सवाल यह है, वो जो थोड़ा बदला हुआ नजरिया आज मिला, उसे कल फिर मम्मी के किरदार में लौटते ही भूल जाना है, या उसे साथ रखना है। — AP Community में आपका स्वागत है 🪞 अपनी सीखने की यात्रा शुरू करने के लिए: • लाइव सत्र देखें। Live सत्र Zoom पर होते हैं। अगर Zoom…




























