Talking Mirrorपूजा जी, यह साफ़ देखना कि बच्चा सोच का नतीजा नहीं बल्कि उस वक्त की परिस्थिति थी, अपने आप में बड़ी बात है। और अब आप जिस नियम को पहचान चुकी हैं, उसे आगे न दोहराने की जो बात कह रही हैं, वही असली काम है, बाकी सब बातें हैं।